हनुमान जंजीरा | विरो की जंजीर |

Tantra Mantra

हनुमान जंजीरा | विरो की जंजीर | hanuman janjeera

निम्न लिखित हनुमान जंजीरा  | विरो की जंजीर मंत्र बहुत प्रभावशाली है। Tantramantra.in एक विचित्र वेबसाइट है जो की आपके लिए प्राचीन तंत्र मंत्र सिद्धियाँ टोन टोटके पुरे विधि विधान के साथ लाती है. TantraMantra.in कहता है सभी तांत्रिक मित्रों को इन कार्यविधियों को गुरु के मध्य नज़र ही करना चाहिये। तथा इन इलमो को केवल अच्छे कार्य में ही इस्तेमाल करना चाहिए, अन्यथा आपको इसके बुरे परिणाम का सामना खुद ही करना होगा ।

कुदरती टोटके जो मनुष्य पढ़कर खुद करेगा उसी का कार्य पूर्ण होगा और जो दूसरे को पढ़कर बतायेगा जिसको बतायेगा उसका कार्य नहीं होगा, जो पढ़ेगा और बिना किसी व्यक्ति को बताये करेगा उसी का कार्य सम्पूर्ण होगा।

निम्नलिखित तंत्र मंत्र प्राचीन तंत्र मंत्र साहित्यो से लिए गए हैं! जैसे इंद्रजाल, लाल किताब, शाबर मंत्र संग्रह इत्यादि|

विरो की जंजीर | हनुमान जंजीरा

विधि –  इसकी साधना अकेले ना करें। शुक्रवार या-गुरुवार के दिन से पश्चिम की ओर मुख करके सफेद वस्त्र धारण करके बैठें और दस माला प्रतिदिन जपें। बारह दिन में यह मंत्र सिद्ध हो जायेगा। प्रयोग काल में लोबान जलता रहे। वीर उपस्थित हों तो वचन में बांध लें।

मंत्र – 
लाइलाहाइल्लिल्लाह।
हज़रात वीर की सल्तनत को सलाम 
वि आजम जेर जाल मशवल कर
तेरी जंजीर से कौन कौन चले 
बावन भैरों चल!देव चलें ।विशेष चलें ।
हनुमंत की हांक चले।
नरसिंह की धाक चले।
नहीं चले तो सुलेमान के बखत की दुहाई।
एक लाख अस्सी हजार पीर पैगम्बर की दुहाई।
मेरी भक्ति गुरु की शक्ति।
फुरो मंत्र ईश्वरोवाचा।

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