मंगल ग्रह शांति मंत्र एवं मंगल के उपाय लाल किताब

Tantra Mantra

मंगल ग्रह शांति मंत्र एवं मंगल के उपाय लाल किताब

निम्न लिखित मंगल ग्रह शांति मंत्र एवं मंगल के उपाय लाल किताब मंत्र बहुत प्रभावशाली है। 

Tantramantra.in एक विचित्र वेबसाइट है जो की आपके लिए प्राचीन तंत्र मंत्र सिद्धियाँ टोन टोटके पुरे विधि विधान के साथ लाती है. TantraMantra.in कहता है सभी तांत्रिक मित्रों को इन कार्यविधियों को गुरु के मध्य नज़र ही करना चाहिये। तथा इन इलमो को केवल अच्छे कार्य में ही इस्तेमाल करना चाहिए!

निम्नलिखित तंत्र मंत्र प्राचीन तंत्र मंत्र साहित्यो से लिए गए हैं! जैसे इंद्रजाल, लाल किताब, शाबर मंत्र संग्रह इत्यादि |

टोटकों से सम्बन्धित उपाय  

जहां शुभ मंगल जातक को शूरवीर, पुलिस या सेना का अधिकारी बनाता है, वहां अशुभ मंगल जातक को बदमाश, हत्यारा, चोर या लुटेरा बनाता है, अत: अशुभ मंगल से जल्दी पिंड छुड़ा लेना चाहिए, आगे बताएजाने वाले कुछ उपायों के द्वारा।

  • मंगलवार के दिन हनुमान मन्दिर में जाया करें।
  • मिठाई दान करें।
  • मृगछाला का इस्तेमाल करें।
  • रेवड़ियां और बताशे पानी में बहाएं।
  • सफेद सुरमा आंखों में लगाएं।
  • मंगलवार के दिन मसूर की दाल का सेवन न करे। 
  • शनि का उपाय करे।
  • मूंगा धारण करने से मंगल अनुकूल परिणाम देता है। 
  • रोटी में गुड़ लगाकर कुत्ते को खिलाये।
  • दान धर्म करते रहे हमेसा आस्तिक बने रहे। 

मंगल को अपने अनुकूल करने के लिए निम्न टोटके।

टोटके – 1 किसी भी मंगलवार को सोने के ताबीज में अनंतसूल की जड़ भरकर लाल रंग के सूती धागे से बांधकर पहलें।

टोटके – 2 सोने की अंगूठी को  गाय के दूध में  स्नान कराकर  मंगलवार को सूर्योदय के समय धारण करें। इस बात का ध्यान रखें कि यह अंगूठी अनामिका उंगली में धारण की जाती है।

मंगल का शुभ/अशुभ फल

मंगल एक तो ऐसे ही हिंसात्मक है और जब यह कुंडली के छठे और ग्यारहवें हिंसात्मक घरों का मालिक बन जाए और साथ ही अगर केतु अधिष्ठित राशि का मालिक भी हो तो फिर मंगल से बढ़कर हिंस़ा का द्योतक और कोई ग्रह नहीं हो सकता। अब अगर ऐसे मंगल का प्रभाव मन पर पूर्ण हो अर्थात्‌ चौथे घर चन्द्रमा आदि पर सभी पर हो तो मन में इतनी हिंसा की तृत्ति प्रबल हो जाती है। ऐसी कुण्डली बाला व्यक्ति किसी की हत्या तक भी कर सकता है।  

 

मंत्र

मांगलेस्त्री त्रिकाल भिरूयामि ,
पारयामि जसडवति, पारयन्ति,
भारमति मांगलिक भ्रमयामि,
युगे युगे जन्म मृत्युयामि ,
भ्रासमआन्ति फलती फलती
अनिन्‍दरी प्रविष्ठान्ति , पविन्ती जामोयामि,
फुलकायानामी , रानामानाष्ति,
नर्मदा मंगलयामी
चन्द्र फिरूश्यति , च्यानि च्यानि,
मंगल मात्रे
जल वनस्पति अपर्णायायाम्‌
जाग्रति जाग्रति
इति सिद्धम्‌

मंत्र (2)

श्री: मंगलामयी पिरूणाजम : याक्यतिर्णीजम :
अध्यात्मिकम: जगत: निरूत्थानम : प्रषिशिकम :
आवित्तर्णम: मडलम: व्याक्तिवियम : स्थाननम:
पृथ्वी क्षणीयम : प्रयायुक्तिजम : महाभावन :
गुणतावियम: अभिभुतितम : संसारम्‌
जय मगलमायी जम :
इति सिद्धम्‌

मंगल ग्रह शांति मंत्र

निवारण-चावलों को उबालो और उसमें से जो माँड पानी निकले उसको और जल में मिला लो और प्रतिदिन गाय को खिलाओ उसमें गुड़ 400 ग्राम डालो जिससे की  माँड पानी मीठा हो जाय और गाय को खिलाने में दिक्कत न हो और 45 साबुत चावल पीले कपड़े में बाँधो।  इन चावलों की गांठ को  अपने साथ रखो और सवा महीना गाय को चावलों का माँड और 1 0 0 ग्रम गुड़ खिलाओ इससे मंगल ग्रह शान्त हो जायेगा।

अथवा

निवारण-मंगल के दिन श्री हनुमान जी के पाँच व्रत करो और  उस दिन बन्दरों को चने और गुड़ खिलाओ और पीपल पर तेल की  दीपक  जलाओ। बन्दरों को भोजन कराने से पहले दिन लाल सवा मीटर वस्त्र उसी  जंगल में बाँध आओ जहाँ पर आपको बन्दरों को भोजन कराना है। इस विधि के करने से मंगल का दोष समाप्त हो जायेगा और हनुमान जी की भी कृपा होगी।

मंगल के उपाय लाल किताब

निवारण – मंगलवार के दिन गौशाला में जाओ और मक्का बाजरा मिलाकर सवा-सवा किलो दोनों चीज अवस्या होनी चाहिए, गाय को खिलाओ थोड़ा-थोड़ा कर के गुड़ खिला दो उसके बाद गाय का दूध पानी में डालकर नहाओ यह विधि करने से मंगलवार की दृष्टि शान्त हो जायेगी इस विधि को पाँच मंगलवार करनी है।

 

 

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